झारखंड: एक आईएएस, तीन बड़े पद; के. श्रीनिवासन की नियुक्तियों को हाई कोर्ट में चुनौती
BREAKING
शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, CM सुक्खू बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार, राहुल-प्रियंका की हिरासत का किया विरोध राहुल गांधी और प्रियंका की हिरासत पर कांग्रेस का हमला, कुलदीप राठौर बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही, कांगड़ा के शाहपुर में छह मकान बहे, कई परिवारों ने भागकर बचाई जान कश्मीर में लगातार बारिश से बिगड़े हालात, सुखनाग नदी उफान पर, कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने मुरथल शक्ति केंद्र पर कार्यकर्ताओं के साथ किया सहभोज, सरल पोर्टल, बूथ सशक्तिकरण पर दिया जोर

झारखंड: एक आईएएस, तीन बड़े पद; के. श्रीनिवासन की नियुक्तियों को हाई कोर्ट में चुनौती

One IAS Officer

One IAS Officer, Three Key Posts

रांची। One IAS Officer, Three Key Posts, आइएएस के श्रीनिवासन को ऊर्जा सचिव के साथ झारखंड उर्जा विकास निगम लिमिटेड (जेवीएनएल) के सीएमडी और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।

प्रार्थी अब्दुल बारी जनहित याचिका दाखिल कर राज्य सरकार की अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि एक ही अधिकारी को तीन महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी गई है।

यह भारतीय प्रशासनिक सेवा (कैडर) नियमावली, 1954 और मौलिक नियम 49 (एफआर-49) का स्पष्ट उल्लंघन है। ऊर्जा सचिव, जेवीएनएल के सीएमडी और जेबीवीएनएल के एमडी के पदों को एक साथ संभालना प्रशासनिक रूप से अव्यवहारिक है।

इन तीनों पदों पर एक साथ कार्य करने से हितों का टकराव और अधिकार क्षेत्र को लेकर समस्या उत्पन्न हो सकती है, जो भारतीय विद्युत अधिनियम- 2003 का भी उल्लंघन है।

याचिका में कहा गया है कि इनमें से प्रत्येक पद के लिए पूर्णकालिक कार्य की आवश्यकता होती है और एक अधिकारी पर तीनों का बोझ डालने से कार्यकुशलता और गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस याचिका में के श्रीनिवासन पर पूर्व में लगे आरोपों का भी जिक्र किया गया है।

याचिका में मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत रहने के दौरान विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने उनके वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) में नकारात्मक टिप्पणियां दर्ज कराई थीं।

जिसमें टेंडर प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप भी शामिल था। याचिका में झारखंड के कार्मिक विभाग के सचिव और के श्रीनिवासन को प्रतिवादी बनाया गया है।